बोलकर कही बात की लिखित प्रतिलिपि रिकॉर्डिंग से अलग हो तो क्या करूँ?
प्रतिलिपि को सही मानने से पहले संबंधित अंश फिर सुनें। जाँचें कि शब्द छोड़े, बदले या जोड़े गए हैं या नहीं। प्रयास के रिकॉर्ड के रूप में ध्वनि सुरक्षित रखें। आवाज़ ही स्पष्ट न हो तो उसकी अलग जाँच करें। केवल पहचान का मेल न खाना कारण तय नहीं कर सकता और उच्चारण पर आधिकारिक निर्णय नहीं दे सकता।
प्रतिलिपि को सही मानने से पहले संबंधित अंश फिर सुनें। जाँचें कि शब्द छोड़े, बदले या जोड़े गए हैं या नहीं। प्रयास के रिकॉर्ड के रूप में ध्वनि सुरक्षित रखें। आवाज़ ही स्पष्ट न हो तो उसकी अलग जाँच करें। केवल पहचान का मेल न खाना कारण तय नहीं कर सकता और उच्चारण पर आधिकारिक निर्णय नहीं दे सकता।
लिखित प्रतिलिपि किसी शब्द या वाक्यांश को खोजने में मदद कर सकती है, लेकिन उसे हूबहू सही रिकॉर्ड मानने से पहले आवाज़ सुनें। शब्द छूटा हो या अप्रत्याशित वाक्यांश हो तो वह अंश फिर चलाएँ। बोलकर कही बात पहचानने में त्रुटि हो सकती है; केवल प्रतिलिपि का मेल न खाना उच्चारण की समस्या साबित नहीं करता। सही दिखती प्रतिलिपि भी यह पूरी तरह नहीं बताती कि उत्तर सुनने में कैसा था।
